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मैं एक आइपीएस की पत्नी हूं. अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद जैसे संवदेनशील जिलों में पति के संग-संग रही हूं. लेकिन सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाने वाली एसएसपी कोठी पर ढाई घंटे तक कल जो मंजर मैंने देखा, उससे सहम गई हूं. मैंने अपने 6 और 8 साल के बच्चों की आंखों में जो खौफ देखा, उसे भूल नहीं सकती. पहले कभी वो इतनी जोर-जोर से चीख कर नहीं रोए, जितना उस शाम को.' ये दर्द एक IPS अफसर की पत्नी का है.
सहारनपुर के एसएसपी लव कुमार की पत्नी शक्ति डॉली ने सहारनपुर में शोभायात्रा से भड़की हिंसा के बाद इस दर्द का बयां किया है. दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट में डॉली ने कहा है, 'उस शाम करीब साढ़े सात बजे बवाल को शांत कर जब पति घर पहुंचे तो दौड़ कर दोनों बच्चे पापा-पापा कहते हुए उनसे लिपट गए. मेरी बेटी और बेटे की आंखें रो-रो कर लाल हो चुकी थीं. कोठी में पूरी तरह से सांसद और उनके समर्थकों का कब्जा हो चुका था.'
दैनिक भास्कर के मुताबिक, एसएसपी की पत्नी ने कहा, 'जैसे ही हंगामा शुरू हुआ, मैं कुछ समझ नहीं सकी. फॉलोअर ने बताया कि सांसद आए हैं. मैंने उन्हें ऑफिस में बिठाने को कहा. तभी सैकड़ों की भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी. वे कैंप ऑफिस और आवास के बीच के दरवाजे को खोल कर गैलरी तक घुस गए. बच्चे ये कहते हुए रोने लगे कि मम्मी, पापा को फोन करके जल्दी बुलाओ डर लग रहा है. फॉलोअर ने दौड़ कर दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया.'
बताते चलें कि यूपी के सहारनपुर जिले में बीते गुरुवार को एक शोभायात्रा निकालने को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई. अंबेडकर जयंती समारोह के उपलक्ष्य में यह शोभायात्रा आयोजित की गई थी. यह बिना प्रशासन की अनुमति के बलपूर्वक निकाली गई. इस इलाके में हिंसा फैलने की आशंका के चलते ऐसी शोभायात्राओं पर सालों से पाबंदी है. जबरन शोभायात्रा निकाले जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की और यात्रा छोटी कर दी. इससे लोग नाराज हो गए.
बताया जा रहा है कि शोभायात्रा की दूरी छोटी किए जाने से नाराज बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एसएसपी का आवास घेर लिया. वहां सीसीटीवी कैमरा और कुछ कुर्सियों को तोड़ दिया गया. एसएसपी की नेम प्लेट भी उखाड़ दी गई. एसएसपी के आवास में भी तोड़फोड़ कर दी. इस एसएसपी घटना में एसएसपी लव कुमार की पत्नी और दो छोटे बच्चे घिर गए थे. सहारनपुर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका माना जाता है.

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