गोधरा। तहसील के छोटे से गांव असारडी में खेत में मजदूरी का काम करने वाले विक्रम सिंह सरदार सिंह राठौड़ के दो पुत्रों प्रदीप तथा राजेश में से प्रदीप को देश की सेवा के लिए आर्मी में भेजा। वह 2004 से आर्मी से जुड़ गया। वह अरुणाचल के तवांग में ड्यूटी पर था। वहीं 25 मई को तोप के गोले के विस्फोट से 32 वर्षीय प्रदीप राठौड़ शहीद हो गया। उसके शव को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उसके गांव लाया गया। अंत्येष्टि के पहले पत्नी ने पति के शव को कांधा दिया। पूरा गांव रो पड़ा…
केवल 2300 की आबादी वाले गांव में जब शहीद प्रदीप राठौड़ का पार्थिव देह असारडी लाया गया, तब तक आसपास के हजारों लोग वहां जमा हो गए थे। उसकी शव यात्रा में पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह चूड़ासमा, डीवायएसपी वी.के.नाई भी उपस्थित थे। जब शहीद की पत्नी लक्ष्मी बेन ने पति के शव को कांधा दिया, तो पूरा गांव रो पड़ा। परंपरा के अनुसार शहीद के छोटे भाई राजेश ने अग्नि दी।

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