अहमदाबाद। महेश शाह को उसकी बेटी के घर से उसके घर ले जाने के लिए सेटेलाइट पीआई मुस्ताक अली उस्मान भाई मसी ने पुलिसवर्दी पहनाई थी। पीआई के इस काम से खाकी ड्रेस की गरिमा को हानि पहुंची है। इसे उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। अब उसके खिलाफ विभागीय जांच होगी। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें दो साल की कैद हो सकती है। विभागीय जांच के आदेश…
आय घोषणा योजना में 13 हजार 860 करोड़ रुपए के कालेधन का खुलासा करने वाले महेश शाह को 'खाकी वर्दी' पहनाने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश हो गए है। साथ ही महेश शाह की 'वर्दी' भी उतर गई। सोमवार को महेश शाह जांच दस्तों के साथ साधारण कपड़ों में नजर आया। हालांकि उसे पांच पुलिसकर्मियों का सुरक्षा कवच दिया गया है। उधर पुलिस इंस्पेक्टर एमयू मसी ने कहा, महेश शाह की सुरक्षा की चिंता थी। इसलिए पुलिस वर्दी पहनाई गई थी। सोमवार को महेश से आयकर विभाग के अफसरों ने करीब छह घंटे तक पूछताछ की। लेकिन उसने किसी का भी नाम नहीं बताया। कैंसर ग्रस्त पत्नी के इलाज के लिए उसे तीन-चार दिन का समय दिया गया है।

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