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पाकिस्तान की ओर से भारत के लिए एक और राहत की खबर आ रही है. अपने ताजा बयान में विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा है कि कुलभूषण जाधव की फांसी तब तक नहीं हो सकती जब तक वे अपनी सभी दया याचिकाओं का इस्तेमाल नहीं कर लेते. आपको याद दिला दें कि हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में जाधव मामले की अगली सुनवाई 8 जून को होनी है.

जकारिया ने कहा, "आईसीजे के स्थगन के बावजूद जाधव तब तक जिंदा रहेगा जब तक उसके दया के अधिकार के तहत की गई अंतिम याचिका पर फैसला नहीं आ जाता. जिसमें पहले चरण में सेना प्रमुख और बाद में पाकिस्तानी राष्ट्रपति के पास याचिका दायर करने का अधिकार है."

भारतीय मीडिया पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जाधव मामले में भारतीय मीडिया ने यह प्रचार कर दोनों देशों के लोगों को गुमराह किया कि भारत जाधव मामले में जीत गया है. जकारिया ने कहा, "दोनों देशों में जो चर्चा शुरू हुई है उसमें पूरी तरह से मामले की समझ का अभाव दिखता है."

आपको याद दिला दें कि, जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ भारत ने आईसीजे का रूख किया था. बीते 18 मई को आईसीजे ने जाधव की सजा के तामील पर रोक लगा दी थी.

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